11 अक्टूबर 2026
नवरात्रि
नौ रातों का गरबा, और घर लौटते हुए कुछ मीठा.
गुजरात में नवरात्रि यानी नौ रातें गरबा-रास, अंबे माँ की आरती, और कई परिवारों के लिए उपवास के दिन. उपवास में खजूर वाली मिठाई आसान पसंद है, और जो उपवास नहीं कर रहे उनके लिए नानखटाई तो है ही.
नवरात्रि के लिए मिठाइयाँ
नौ रातों का गरबा
नवरात्रि गुजरात का सबसे बड़ा उत्सव है. हर शाम गरबो (मिट्टी का दीप-घट) और माताजी की तस्वीर के सामने आरती होती है, फिर सोसाइटी के आँगन से लेकर बड़े पार्टी प्लॉट तक गरबा और डांडिया रास देर रात तक चलता है. चणिया चोली, केडियू और भरपूर जोश — सब इन नौ रातों का हिस्सा है.
उपवास और फलाहार
कई परिवार पूरी नवरात्रि या सिर्फ़ अष्टमी का उपवास रखते हैं. फलाहार में अनाज और सादा आटा नहीं लिया जाता — साबूदाना खिचड़ी, राजगिरा, शकरकंद, मूँगफली, फल और दूध. उपवास में खजूर और सूखे मेवे ख़ास पसंद किए जाते हैं, क्योंकि पेट भरता है और पकाने की ज़रूरत नहीं.
DeshÉ की मिठाइयाँ
- प्रोटीन बॉल — खजूर, मेवे और बीज; ऊपर से चीनी नहीं, बिना पकाए बनती है. देर रात के गरबा में बैग में रखने के लिए बढ़िया.
- खजूर पाक — खजूर और सूखे मेवों का पाक, ऊपर से चीनी नहीं, गेहूँ के आटे के बिना.
- नानखटाई — गेहूँ के आटे से बनती है, इसलिए फलाहारी नहीं है, पर उपवास न रखने वालों और आरती के बाद आए मेहमानों के लिए एकदम सही.
हर घर के उपवास के नियम अलग होते हैं, इसलिए हर प्रोडक्ट की सामग्री अपनी परंपरा के हिसाब से एक बार ज़रूर देख लें.
तोहफ़े के लिए
गरबा ग्रुप के लिए प्रोटीन बॉल के छोटे बॉक्स, या घर के उपवास रखने वाले बुज़ुर्ग के लिए खजूर पाक का डिब्बा. पहली रात से पहले तैयार रहे, इसके लिए हफ़्ता भर पहले इन्क्वायरी करें.
प्रोटीन बॉल और खजूर पाक खजूर, मेवे और बीजों से, बिना गेहूँ के आटे के बनते हैं, और कई परिवार इन्हें उपवास में लेते हैं. नानखटाई में गेहूँ का आटा है, इसलिए वह फलाहारी नहीं है. उपवास के नियम हर घर में अलग होते हैं, इसलिए हर प्रोडक्ट पेज पर सामग्री देख लें.