22 मार्च 2027
होली-धुलेटी
पूनम की रात होलिका, अगली सुबह रंग.
गुजरात में होली दो दिन की होती है — फागुन पूर्णिमा पर होलिका दहन, और अगले दिन रंगों वाली धुलेटी. रंगे हाथों से आने वाले हर मेहमान के साथ बाँटने के लिए हमारी नानखटाई और खजूर के प्रोटीन बॉल बड़े काम के हैं.
होली-धुलेटी के लिए मिठाइयाँ
होलिका और धुलेटी
फागुन पूर्णिमा की शाम हर गली या सोसाइटी में होली जलाई जाती है — प्रह्लाद की भक्ति और होलिका दहन की याद में. परिवार होली की परिक्रमा करते हैं और धाणी (भुनी ज्वार), भुने चने, खजूर और नारियल अर्पित करते हैं, और फिर वही प्रसाद के रूप में बाँटते हैं. अगली सुबह धुलेटी — रंग, पानी, गाने और हर गली में धूम.
इन दिनों क्या खाया जाता है
खजूर, धाणी और चने होली के प्रसाद का हिस्सा हैं, इसलिए इस हफ़्ते गुजराती घरों में खजूर ख़ूब दिखता है. सुबह रंग खेलने के बाद सबको कुछ झटपट चाहिए — चाय के साथ बिस्किट, मिठाई का छोटा टुकड़ा, बिना प्लेट-चम्मच वाला कुछ.
DeshÉ की मिठाइयाँ
- नानखटाई — टेबल पर इलायची या केसर पिस्ता नानखटाई का डिब्बा हो, तो हर मेहमान को चाय के साथ कुछ मीठा मिल जाता है.
- प्रोटीन बॉल — खजूर, मेवे और बीजों से बनी, ऊपर से चीनी नहीं और बिना पकाए; होली के खजूर की याद दिलाती है, और रंग खेलते-खेलते मुँह में डालना आसान.
तोहफ़े के लिए
जिन दोस्तों के साथ रंग खेलने वाले हैं उनके लिए छोटे बॉक्स, या धुलेटी पर रिश्तेदारों के घर ले जाने के लिए एक डिब्बा. होली के लिए हफ़्ता भर पहले इन्क्वायरी काफ़ी है.
घर के ऑर्डर के लिए आमतौर पर होलिका दहन से एक हफ़्ता पहले काफ़ी है. ज़्यादा मात्रा हो तो थोड़ा और समय दीजिए.